बिजनेस शुरू करने से पहले नौकरी कयदेमंद है? जानिए एक पिता ने अपने बेटे को बिजनेस की बारीकियां सिखाने के लिए क्यों दी नौकरी करने की सलाह।


एक पिता के नजरिए से उसके बेटे के लिए लिखी गई है। बल्कि इसमें बिजनेस की बारीकियों और 'ग्राउंड रियलिटी' को समझाने की कोशिश की गई है। 


बिजनेस की गद्दी पर बैठने से पहले, 'नौकरी' की धूल फांकना क्यों जरूरी है? एक पिता की अपने बेटे को सलाह



लेखक: एक अनुभवी बिजनेसमैन
विषय: व्यापार से पहले अनुभव की अहमियत


मेरे प्यारे बेटे,


आज जब मैं तुम्हें अपनी आँखों के सामने बड़ा होते देख रहा हूँ, तो मुझे वही दिन याद आ रहे हैं जब मैंने इस बिजनेस की नींव रखी थी। तुम आज अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हो और तुम्हारे मन में यह सवाल जरूर होगा कि जब घर का इतना बड़ा व्यापार (Business) जमा-जमाया है, तो मैं तुम्हें बाहर किसी और के यहाँ 'नॉकरी' (Naukari) करने के लिए क्यों भेज रहा हूँ?

शायद तुम्हें लगे कि मैं तुम्हें संघर्ष में डालना चाहता हूँ, लेकिन सच तो यह है कि मैं तुम्हें 'मालिक' बनने से पहले एक 'सफल लीडर' बनाना चाहता हूँ। बिजनेस केवल गद्दी पर बैठकर हुकुम चलाने का नाम नहीं है, यह तो हर छोटी-बड़ी मशीन, इंसान और परिस्थिति को समझने का नाम है।
"विरासत में बिजनेस मिल सकता है, लेकिन उस बिजनेस को चलाने का हुनर (Skill) और तजुर्बा बाजार की ठोकरों में ही मिलता है।"

नौकरी क्यों जरूरी है हर बिजनेस की शुरुआत से पहले? (Naukari Kyo Jaruri Hai Har Business Ki Suruat Se Pehle)


बिजनेस स्कूल में तुम थ्योरी सीख सकते हो, लेकिन 'ग्राउंड जीरो' पर काम कैसे होता है, यह तुम्हें सिर्फ एक जॉब ही सिखा सकती है। यहाँ कुछ मुख्य कारण हैं कि मैं क्यों चाहता हूँ कि तुम पहले किसी और के यहाँ काम करो:
1. मशीन की धड़कन को समझना
हमारे कारखाने में जो मशीनें लगी हैं, वे सिर्फ लोहे का ढांचा नहीं हैं। वे हमारे बिजनेस का दिल हैं। जब तुम खुद किसी और के यहाँ एक ऑपरेटर या हेल्पर की तरह काम देखोगे, तभी तुम्हें समझ आएगा कि मशीन में कब खराबी आती है, उसे ठीक करने में कितनी मेहनत लगती है और उसकी कैपेसिटी क्या है। अगर तुम्हें खुद मशीन के बोल्ट ढीले होने की आवाज नहीं समझ आएगी, तो कल को कोई भी कारीगर तुम्हें बेवकूफ बना सकता है।
2. सप्लायर और माल खरीदने वालों से 'डील' करना
मार्केट में हर कोई अपना मुनाफा देखता है। जो व्यक्ति हमें कच्चा माल (Raw Material) बेच रहा है, वह हमेशा ऊंचे दाम बताएगा। जब तुम नौकरी करोगे, तब तुम देखोगे कि एक अनुभवी मैनेजर कैसे 'नेगोशिएशन' (Negotiation) करता है। 'डील' करना एक कला है। तुम्हें यह समझना होगा कि कब सख्त होना है और कब नरम। माल खरीदने वाले से रिश्ता बनाना (Bonding) जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है अपनी क्वालिटी पर अडिग रहना।
3. लॉजिस्टिक्स: रिक्शा और टेम्पो वालों से तालमेल

अक्सर लोग इसे छोटा काम समझते हैं, लेकिन सच कहूँ तो अगर लोडिंग-अनलोडिंग सही समय पर न हो, तो पूरा बिजनेस ठप्प हो सकता है। नौकरी के दौरान तुम्हें समझ आएगा कि एक रिक्शा वाले या टेम्पो ट्रांसपोर्टर से कैसे बात की जाती है। उन्हें कैसे मोटिवेट करना है कि तुम्हारा माल समय पर और बिना टूटे-फूटे पहुंचे। इन लोगों के साथ डील करना धैर्य (Patience) सिखाता है।


24x7 एक्टिव रहना: बिजनेस में कोई 'शिफ्ट' नहीं होती

नौकरी तुम्हें 'अनुशासन' सिखाती है। जब तुम किसी और के प्रति जवाबदेह (Accountable) होते हो, तो तुम्हें समय की कीमत समझ आती है।

बिजनेस में दिन और रात का अंतर खत्म हो जाता है। एक बिजनेसमैन कभी नहीं सोता। तुम्हें हमेशा एक्टिव रहना होगा। कभी रात को 2 बजे मशीन खराब हो सकती है, तो कभी सुबह 4 बजे माल की डिलीवरी निकलनी पड़ सकती है। अगर तुम कंफर्ट जोन में रहोगे, तो बिजनेस कभी आगे नहीं बढ़ेगा। Hard work का कोई विकल्प नहीं है।

"सफलता का रास्ता एयर-कंडीशंड कमरों से नहीं, बल्कि पसीने और धूल भरी गलियों से होकर गुजरता है।"


स्किल और बॉन्डिंग: बिजनेस की असली पूंजी

बेटे, याद रखना कि Skill और Bonding ही वो दो चीजें हैं जो तुम्हें एक बॉस से ऊपर उठाकर एक लीडर बनाएंगी।

Skill: जब तुम बाहर काम करोगे, तो तुम नई टेक्नोलॉजी और काम करने के नए तरीके सीखोगे जो शायद मुझे भी नहीं पता। वह 'नॉलेज' (Knowledge) तुम हमारे बिजनेस में लाकर उसे ऊंचाइयों पर ले जा सकते हो।

Bonding: जब तुम खुद एक कर्मचारी की तरह काम करोगे, तो कल को जब तुम मालिक बनोगे, तो तुम अपने कर्मचारियों का दर्द समझ सकोगे। उनके साथ तुम्हारा जो रिश्ता (Bonding) बनेगा, वही तुम्हारी असली संपत्ति होगी। जो मालिक अपने वर्कर के पसीने की कद्र करता है, उसका बिजनेस कभी नहीं डूबता।

बिजनेस से पहले नॉलेज ही जीत की गारंटी है

आजकल के दौर में कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा है। सिर्फ पैसा लगाने से बिजनेस नहीं चलता, 'दिमाग' और 'अनुभव' लगाने से चलता है। मैं चाहता हूँ कि जब तुम इस गद्दी पर बैठो, तो तुम्हारे पास न केवल मेरा आशीर्वाद हो, बल्कि तुम्हारे पास वह आत्मविश्वास हो जो कहता है— "मैंने यह काम जमीन से सीखा है।"

बिना किसी डर के बाहर निकलो, गलतियां करो, डांट खाओ, और एक मंझे हुए खिलाड़ी बनकर वापस आओ। तुम्हारी मेहनत ही कल हमारे नाम को और आगे ले जाएगी।

तुम्हारा पिता, जो तुम्हें एक मजबूत इंसान बनते देखना चाहता है।


अगर आपके पास भी है तो ब्लॉग से लेके अगर कोई सुझाव हो तो कमेंट कर के हमें बताएं 

टिप्पणियाँ